Software Company कैसे शरू करे ? पूरी जानकारी

हेलो दोस्तों मेरा नाम है पियूष और आज के इस लेख में हम आपको बताने वाले है की आप अपना खुद का Software Company कैसे शरू करे ? तो आप सही जगह पर आये हो हम आज आपको Software Company कैसे शरू करे ? इसके 7 स्टेप के बारे में बताने वाले है । जिसे फॉलो करके आप अपना Software Company शरू कर सकते है ।

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इंडिया में सॉफ्टवेयर कंपनीज अच्छी ग्रोथ कर रही है । और अब हर मेट्रो सिटी में सॉफ्टवेयर कंपनीज स्टैब्लिश होने लगी है। ऐसे में अगर आप इस एरिया में अपना बिजनेस बढ़ाना चाहते हैं तो आपको बेनिफिट जरूर मिलेगा। इसलिए आज आपको हम आपको इस लेख में आपको सॉफ्टवेयर कंपनी स्टार्ट करने का प्रॉसेस बताने वाले हैं।

साथ ही आपको सॉफ्टवेयर कंपनीज के डिफरेंट टाइप्स के बारे में भी पता चलेगा। इस लेख को पूरा जरूर पढ़े ।

तो चलिए शुरू करते हैं सबसे पहले सॉफ्टवेयर कंपनीज के टाइप जानते हैं। इंडिया में आपको दो टाइप की सॉफ्टवेयर कंपनीज मिलेगी।

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1. सर्विस या कंसल्टिंग बेस्ड सॉफ्टवेयर कंपनी ।

2 . प्रोडक्ट डेवलपमेंट बेस्ड सॉफ्टवेयर कंपनी ।

विप्रो , इन्फोसिस , IBM टेक , महिंद्रा सॉफ्टवेयर कंसल्टिंग या सर्विस कंपनीज है। इस टाइप की कंपनीज क्लाइंट्स को बिजनेस कंसल्टिंग , इनफॉर्मेशन टेक्नोलॉजी , सॉफ्टवेयर इंजीनियरिंग और आउटसोर्सिंग सर्विसेस प्रोवाइड कराती है ।

जबकि प्रोडक्ट डेवलपमेंट बेस्ड सॉफ्टवेयर कंपनी के पास ऐसे प्रॉडक्ट्स होते हैं जो रेवेन्यू में एक मेजर पोर्शन प्रोवाइड कराते हैं।

एमेजॉन , माइक्रोसॉफ्ट , गूगल ऐसी ही कंपनीज है। आइए आपको बताते हैं इंडिया में सॉफ्टवेयर कंपनी ओपन करने का स्टेप बाय स्टेप प्रोसीजर क्या है ।

1 . अपने बिजनेस के लिए फंड कलेक्ट करें ।

अपने बिजनेस की फंडिंग के लिए या तो आपके पास अपना शेड फंड होगा या फिर आप बांड लोन्स की हेल्प से ऐसा करने वाले होंगे।

अच्छी बात ये है कि आज के टाइम में आप क्राउड फंडिंग एंजल इन्वेस्टमेंट वेंचर कैपिटल फंडिंग की हेल्प भी ले सकते हैं।

2 . बिजनेस प्लान बनाइए।

किसी भी बिजनेस को शुरू करने से पहले बिजनेस प्लान बनाना जरूरी होता है। कई बार इस स्टेप को स्किप कर दिया जाता है जिसके रिजल्ट्स सेटिस्फेक्शन भी नहीं आते हैं इसलिए आपको बिजनेस शुरू करने की भले ही कितनी भी जल्दी कोई प्रॉपर बेसिक्स प्लान जरूर बनाइए जो कि डीप रिसर्च पर बेस्ड हो और आपने फिल्ड के कॉम्पिटिशन को भी अच्छे से अब्जॉर्ब कर लिया हो।

इस बिजनेस प्लान में सॉफ्टवेयर कंपनी का टाई चूज करें जो आपकी नॉलेज और बिज़नस के बॉन्डिंग हो और जिसमें आप ज्यादा अच्छी सर्विस दे सकते हो।

इसमें आपको प्रॉडक्ट्स और सर्विसेज को भी चूज करना होगा और स्पेसिफिक ऑडियंस या मार्केट को भी टार्गेट करना होगा।

3 . अपने बिजनेस ऑर्गनाइजेशन का स्ट्रक्चर डिसाइड करें।

अपने बिजनेस के लिए सॉफ्टवेयर कंपनी का राइट टाइम चूज करने के बाद आपको डिसाइड करना होगा कि आप बिजनेस पार्टनरशिप में शुरू करना चाहते हैं या नहीं।

आप अपनी सर्विस पूरे देश में देना चाहते हैं या फिर केवल लोकल कम्यूनिटी में।

4 . अपने बिजनेस के लिए सही एरिया या रीजन सेलेक्ट करें।

आप किस तरह के सॉफ्टवेयर टाइप पर काम करने वाले हैं इस पर डिपेंड करेगा कि आपका प्रोडक्ट पूरे देश में सेल करेंगे या लोकल एरिया में।

लेकिन आपको अपने बिजनेस के लिए इंडिया के ऐसे एरियाज पर तो फोकस करना ही होगा जहां पर आपको सबसे ज्यादा प्रॉफिट मिल सकता हो।

5 . अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी को रजिस्टर करवाइए।

अगले स्टेप में आपको अपनी कंपनी को रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज यानी ROC में रजिस्टर करवाना होगा।

इसके लिए आपको अपनी कंपनी के लिए चार से नाम भी देने होंगे जो अभी तक किसी कंपनी के ना हो। इसके अलावा आपको कुछ फोम भी भरने होंगे जिनमें आपको सॉफ्टवेयर कंपनी की बेसिक पर्सनल इनफॉर्मेशन प्रोवाइड करनी होगी। ‘

इंडिया में भी सौंपे और कंपनी का बिजनेस शुरू करने से पहले आपको लीगल एंटिटी की जरूरत पड़ेगी इसलिए आप अपनी कंपनी के लिए सूटेबल लीगल एंटिटी इनमें से चूज कर लें।

सोल प्रोपाइटर शिप इसी कंपनी तो नहीं माना जाता है लेकिन किसी नए आइडिया पर काम शुरू करने के लिए इसे एक अच्छी लीगल एंटिटी माना जाता है।

  • पार्टनरशिप फोम

इसमें बिजनेस ओनर के साथ को फाउंडर्स भी होते हैं जो मिलकर उस बिजनेस आइडिया पर काम करते हैं।

  • LLP यानी लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप या प्राइवेट लिमिटेड कंपनी।

इसे इंडिया में बिजनेस की रियल कंपनी कहा जाता है और 90% परसेंट से ज्यादा बिजनेस ओनर्स अपनी कंपनीज को इसी नाम से रजिस्टर करवाते हैं।

सॉफ्टवेयर कंपनी स्टार्ट करने के लिए आपको इन कॉमन डॉक्युमेंट्स की भी जरूरत पड़ेगी। पेन  कार्ड कॉपी , आधार कार्ड ,वोटर आईडी या ड्राइविंग लाइसेंस एड्रेस प्रूफ के रूप में बिजनेस एड्रेस प्रूफ के लिए यूटिलिटी बिल्स का पिता रेंट अग्रीमेंट कॉपी भी चलेगी।

इनके अलावा एक सॉफ्टवेयर कंपनी शुरू करने के लिए आपको इन लाइसेंस और लीगल रजिस्ट्रेशन की जरूरत भी होगी जैसी कि कंसल्टेंसी बिजनस के लिए सर्विस टैक्स रजिस्ट्रेशन STPI लाइसेंस ट्रेडमार्क रजिस्ट्रेशन कॉपीराइट रजिस्ट्रेशन पेटेंट रजिस्ट्रेशन और सॉफ्टवेयर लाइसेंस एग्रीमेंट्स।

यहां आपको STPI के बारे में जरूर से जान लेना चाहिए। आपको अपनी कंपनी या ऑर्गनाइजेशन को STPI यानी सॉफ्टवेयर टेक्नोलॉजी पार्क्स इंडिया में रजिस्टर भी करवाना होगा।

ये STPI लाइसेंस स्पेशली इंडिया के न्यू सॉफ्टवेयर कंपनीज के लिए होते हैं और उन्हें बहुत सी फैसिलिटीज प्रोवाइड कराते हैं जैसे कि पांच साल तक कोई पेमेंट नहीं।

इसके अलावा सॉफ्टवेयर प्रॉडक्ट्स पर कोई इम्पोर्ट और एक्सपोर्ट ड्यूटी नहीं । इसकी हेल्प से आपको नॉर्मल रेट से कम रेट पर OPS भी उपलब्ध हो सकता है।

अब इंडिया में स्टेडियम रीजन के डिपार्टमेंट ऑफ एम्प्लॉयमेंट में खुद को एक एम्प्लॉयर के रूप में रजिस्टर भी करवा लें ताकि आप उस स्टेट में जॉब एड्स दे सकें और अपनी कंपनी की ओपन पोजिशंस के लिए सूटेबल कैंडिडेट्स को हायर कर सकें।

6 . आफिस लोकेशन को चूज करे ।

अपने ऑफिस के लिए लोकेशन चूज करते टाइम आपको कंपनी के साइज एम्प्लॉयीज और उस एरिया में अवेलेबल टेक्नोलॉजी और अवेलेबल रिसोर्सेज जैसे कि इंटरनेट कनेक्शन को ध्यान में रखना होगा।

शुरूआत में को ऑफिस स्पेस में मिनिमम पॉसिबल इनवेस्टमेंट ही करना चाहिए। आप इसे रेंट या लीज पर भी ले सकते हैं। शुरुआत में ज्यादा खर्चा स्पेस पर लगाने से बचें ।

7 . एनर्जेटिक कॉन्टेक्ट्स यानी स्टिक स्टाफ को हायर करें।

अपने सॉफ्टवेर कंपनी का सेटअप तैयार करने के बाद आपको ऐसे स्किल्ड स्टाफ को हायर करना होगा जो आपकी कंपनी को नई ऊँचाइयों पर ले जाएं।

इसके लिए उन्हें सॉफ्टवेर डेवलपमेंट की नॉलेज हायर एजुकेशन और टेक्नोलॉजिकल स्किल्स होनी चाहिए।

शुरुआत में आप दो से तीन सॉफ्टवेयर इंजिनियर्स और एक से दो कंप्यूटर प्रोग्रामिंग प्रोफेशनल्स को हायर कर सकते हैं।

एम्प्लॉयीज को हायर करते टाइम आपको फ्रेशर्स को तो चांस देना ही चाहिए लेकिन अपने स्पेसिफिक पीर के लिए एक्सपीरियंस्ड एम्प्लॉयीज भी जरूर हायर करने चाहिए।

तो दोस्तो इस तरह सही बिजनेस प्लान सही सॉफ्टवेयर कंपनी टाई पॉइंट सेटअप के साथ आप अपनी सॉफ्टवेयर कंपनी शुरू कर सकते हैं।

हमें उम्मीद है की आपको ये जानकारी आपको पसंद आयेगी आपकी काफी हेल्प भी की होगी तो  शेयर करना बिल्कुल न भूलें कमेंट बॉक्स में लिख करके ज़रूर बताएं ये लेख आपको कैसा लगा कौन सी बात आपको बहुत अच्छी लगी।

क्या क्या ऑलरेडी अप्लाई किया है या फिर अब आप प्लानिंग कर रहे हैं। साथ ही साथ का कोई सवाल हो तो प्लीज में लिख भेजिए हम जल्द से जल्द उस पर लेख लाने की पूरी कोशिश करेंगे । धन्यवाद।

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