खुद का Tea Cafe Business कैसे शरू करे ? पूरी जानकारी

हेलो दोस्तों आप सबको मेरा प्यार भरा नमस्कार मै आपका दोस्त पियूष और आज के इस लेख मै आपको Own Tea Cafe Business कैसे शरू करे ? इस विषय में बताने वाला हु ।

Advertisement

Own Tea Cafe बिज़नेस यानि की हम अपने चाय की दुकान का बिज़नेस कैसे कर सकते है । तो आप सच में चाय का बिजनेस करना चाहते है और इसके बारे जानकारी चाहते है तो आप सही जगह आये है । क्यूंकि यहाँ पर हम आपको पूरी जानकारी देने वाले है । तो बने रहिये अंत तक

 

Advertisement

इंडिया में ज्यादातर लोगों की दिन की शुरुआत एक कप चाय से होती है। चाय पीने को लेकर सबकी अपनी अलग आदतें हैं। किसी को चाय बिस्तर पे चाहिए तो किसी को ब्रश करने के बाद किसी को ब्रेकफस्ट टेबल पर तो कोई अखबार पढ़ते हुए चाय की चुस्की लेता है।

चाय पीना हम इंडियंस की फितरत है। काम से घर लौटे पापा हों या फिर देर रात तक पढ़ाई करने वाले भइया चाय सबका मूड रिफ्रेश कर देती है। इतना ही नहीं आफिस के बाहर चाय की टपरी पे तो अक्सर लोगों की भीड़ लगी ही रहती है।

किसी को अदरक वाली चाय पसंद है किसी को इलायची वाली किसी को मसाले वाली तो किसी को लेमन टी। अब जबकि देश की प्रधानमंत्री भी कहा करते हैं कि वो अपने शुरुआती दिनों में चाय बेचा करते थे।

चाय बनाने और लोगों को चाय पिलाने के प्रफेशन की इम्पॉर्टेंस बढ़ती ही चली जा रही है। बस का सफर हो या हवाई यात्रा चाय से हमारा मोह कभी टूटता ही नहीं है। बॉलीवुड एक्ट्रेस भी जब टीवी पर आकर ये बताती हैं कि वो कौन सी चाय पीते हैं तो उनके फैन्स भी सेंटी हो जाते हैं।

इंडिया में चाय का क्रेज जो होना इतना जबरदस्त है कि पढ़े लिखे इंजीनियर्स भी चाय का स्टार्टर खोलकर बैठे हैं और इसलिए आज हम आपको कुल केस स्टडी के साथ बताएंगे कि कैसे शुरू करें अपना टी कैफे।

  • इंडिया में कितना बड़ा है चाय का बिजनेस ।

तो चलिए शुरू करते हैं सबसे पहले जानते हैं कि इंडिया में कितना बड़ा है चाय का बिजनेस । चाइना के बाद अपना देश यानी कि भारत दुनिया का दूसरा सबसे बड़ा टी प्रोड्यूसर देश है।

हम इंडिया से इतनी चाय पीते हैं कि सिर्फ साल 2020 में ही इंडिया में 1.10 सिर्फ मिलियन टन चाय कंज्यूम कर ली गई थी। साल 2026 तक ये 1.40 मिलियन टन तक पहुंच जाएगा।

इसके अलावा इंडिया चाय का बड़ा एक्सपोर्टर भी है और 2017 में हम चाय एक्सपोर्ट करने में सबसे आगे थे। अपनी यहां वेस्ट बंगाल और असम में सबसे ज्यादा टी प्रॉडक्शन होता है।

इंडिया में जितना भी टी प्रॉडक्शन होता है उसका 80% परसेंट यहीं कंज्यूम कर लिया जाता है और बाकी का बाहर भेज दिया जाता है तो आमतौर पर एक इंडियन एवरेज रेट पे दिन में दो कप चाय पी ही लेता है और यही वजह है कि इंडियन टी इंडस्ट्री 10 मिलियन डॉलर की है और हर साल बढ़ती ही जा रही है।

2015 में आई एक रिपोर्ट में बताया गया था कि इंडियन कैफे और टी बार का मार्केट 1820 करोड़ रुपये का हो गया है और हर साल 20 % के हिसाब से ग्रो कर रहा है।

तो अगर आप भी चाय पीने के शौकीन हैं और लोगों को चाय पिलाने का पैशन रखते हैं तो अपनी खुद की चाय की टपरी टी बार या टी कैफे खोल सकते हैं और इस बिलियन डॉलर इंडस्ट्री का हिस्सा बनकर अच्छा खासा मुनाफा कमा सकते हैं।

और अगर बात करे एक कप चाय में कितना मुनाफा है तो बात ऐसी है कि जब भी बात किसी बिजनेस की आती है तो सबसे पहली चीज जो हमें एक्साइट करती है वो है प्रॉफिट और इंडिया में चाय लाइफस्टाइल का हिस्सा है तो यहां पर इस बिजनेस से पैसा बनाना कोई बड़ी बात नहीं है।

प्रेजेंट डे में यानि आज के टाइम में आप किसी भी शहर में चले जाइए एक कप चाय 10 रुपए से कम की मिलती ही नहीं है इसलिए यहां से सीधा सा कैलकुलेशन लगाया जाए तो एक कप चाय की कॉस्ट 3 रुपए तक आती होगी।

अगर 5 रुपए भी मान लिया जाए और अब 10 रुपए की चाय बेच रहे हैं तो भी 50 % का मार्जिन बैठ रहा है तो अगर आपने पढ़े मिनिमम 200 कप चाय भी बेच दिए तो महीने के 30 हजार रुपया का नेट प्रॉफिट बैठेगा।

मतलब जितनी ज्यादा बिक्री उतना ज्यादा मुनाफा। तो चलिए जानते हैं चाय के बिजनेस में एक सक्सेसफुल आंत्रप्रेन्योर बनने के लिए शुरुआत कैसे करनी होती है ।

  • लाइसेंस लेना।

किसी भी काम को करने से पहले उसका सही लाइसेंस लेना आपको लीगल यीशु से प्रोटेक्ट करता है क्योंकि बिजनेस में पीस ऑफ माइंड बहुत जरूरी है क्योंकि कई बार न्यूज में या उसमें देखते या पढ़ते होंगे।

एनक्रोचमेंट हटाते टाइम सड़क किनारे अपना धंधा कर रहे वेंडर्स को हटा दिया जाता है। इसलिए अगर आप लाइसेंस होल्डर होंगे तो आप क्लेम कर सकते हैं या मुआवजा मांग सकते हैं।

अगर स्मॉल स्केल का बिजनेस है तो अपने एरिया के नगर निगम या म्युनिसिपल ऑफिस से लाइसेंस ले सकते हैं।

अगर लार्ज स्केल का बिजनेस है या टी बार खोल रहे हैं तो FSSAI से लाइसेंस और फायर डिपार्टमेंट से फायर सेफ्टी लाइसेंस ले सकते हैं।

  •  सही लोकेशन चूस करे ।

किसी भी बिजनेस के सक्सेसफुल या फेल होने के पीछे उसकी लोकेशन बहुत ज्यादा मैटर करती है। तो अगर आप चाय की टपरी खोलिया टी बार एक ऐसी जगह चूज करें जहां पर लोगों का आना जाना रहता है जिसे मार्केट प्लेस ,ऑफिस एरिया या कोई चौक चौराहा पर अगर आप टी बार की प्लानिंग कर रहे हैं तो शॉपिंग मॉल या फिर कोई बड़ा रेजिडेंशल एरिया बेहतर ऑप्शन हो सकता है।

जाहिर सी बात है आपको इसके लिए थोड़ी सी मार्केट रिसर्च करनी होगी पर लोकेशन चूज करने के बाद में कस्टमर्स के कंफर्ट का भी आपको ध्यान रखना होगा। जी हां कई लोगों के लिए चाय सिर पर चाय का कप पी करके खत्म करना नहीं होता है।

कुछ लोग चाय के साथ गपशप करना पसंद करते हैं तो कुछ लोग बिजनेस मीटिंग में निपटा देते हैं। कपल्स डेट पर भी आते हैं और दोस्त मस्ती करने भी।

इसलिए अगर आपकी टी स्टॉल स्पेशियस है काफी अच्छा स्पेस है तो लोग ज्यादा वक्त बिताया और याद रखिएगा पब्लिक वहीं पर ज्यादा पहुंचती है जहां उसे भीड़ दिखाई देती है।

वैसे अगर आपने टी बार खोलने का आप्शन चूज किया है तो वाशरूम फैसिलिटी भी रख सकते हैं। डेकोरेशन कलर और बेसिक हाइजीन आपके बिजनेस को बूस्ट देगा। अल्टीमेट हर कोई अपनी लाइफ में स्टैंडर्ड मेनटेन करना पसंद करता है।

  • फीडबैक लेना ।

फीडबैक की यानि कि फीडबैक लेना हमेशा अच्छा तरीका माना जाता है। चाय का बिजनेस करने के दो तरीके हैं पहला या तो आप खुद अच्छी चाय बनाते हैं और दूसरा किसी अच्छे चाय बनाने वाले को हायर करते हैं।

इन दोनों केसेस में ही आपको मार्केट में अपना प्रोडक्ट लॉन्च करने से पहले उसका फीडबैक लेना जरूरी है। अपने दोस्त रिश्तेदार और आपके वेल विशेष को पहले चाय पे इन्वाइट करें फिर उन्हें चाय पिलाई और उनसे उनका फीडबैक ले।

अगर फीडबैक पॉजिटिव है तो you are good to go अगर कुछ इम्प्रूवमेंट करने की जरूरत है तो कुछ कीजिए और जिनको आपने चाय पे इन्वाइट किया है वो अगर आपके ट्रस्टेड लोगों में से हैं तो उनसे अपना बिजनेस आइडिया डिस्कस भी कर सकते हैं। क्या पता आपको कोई इन्वेस्टर या बिजनेस पार्टनर मिल जाए ।

  • नाम अच्छा चूस करे ।

नाम की एक आई कैची नाम रखना तो बनता है । Business is all About an Identity यानी की एक पहचान है। कोई भी इंसान जब बिजनेस करने उतरता है तो अच्छी इनकम के साथ उसका दूसरा सबसे बड़ा मोटिव होता है फेम ।

इसलिए अगर आप चाहते हैं कि आपका बिजनेस की पहचान बने तो इस ब्रैंड नेम बहुत जरूरी है। अगर इंडिया में कुछ फेमस टी जॉइंट्स की बात करें तो Chaayos ,Chaisuttabar ,Chaivilla जैसे कई नाम आपको मिल जाएंगे जिन्होंने चाय लवर्स को अपना दीवाना बना रखा है।

एक ब्रैंड नेम इसलिए भी जरूरी है क्यूंकि कल को अगर आप बिजनेस में तरक्की कर पाते हैं तो लोग आपसे जुड़ना चाहेंगे और आपके बिजनेस में इनवेस्ट भी करना चाहेंगे और ऐसा हुआ तो फ्रेंचाइजी भी दे करके रॉयल्टी कमा सकते हैं।

हैना अच्छा ऑक्शन और इसी के साथ कुछ बातों पर ध्यान देने की जरूरत है। यानी की बड़ी बातों के बीच बेसिक का ध्यान रखना भी जरूरी है।

चाय बनाने के लिए केतली ,एलपीजी सिलेंडर ,स्टोव ,सर्विंग ग्लासेस ,ग्लास होल्डर ,मिल्क ,शुगर ,वाटर ,टी पाउडर या मसाला इस सारे इंग्रेडिएंट्स चाहिए होंगे।

अब इनका सिलेक्शन इस पर डिपेंड करेगा क्या का बिजनेस कितना बड़ा है और आपके टारगेट कस्टमर्स कौन हैं।

आजकल इन सभी चीजों में फैशनेबल और ट्रेंडी चीजे उपलब्ध हैं जिसे आप किटी बार या कैफे को एक ऑथेंटिक लुक मिलेगा जो आपके कस्टमर्स को अच्छा फील कराएगा। वैसे भी आज का यूथ कुछ अलग और हटकर एक्सपीरिएंस करना चाहता है।

  • चाय की अच्छी वराइटी दे ।

बिजनेस में वराइटी की जो कि बहुत जरूरी है। चाय का नाम सुनते ही दिमाग में चाय की सबसे बेसिक रेसिपी ध्यान आती है। लेकिन अगर आप चाय में वैराइटी रखेंगे तो आप ज्यादा कस्टमर्स तक पहुंच पाएंगे।

बेसिक चाय के साथ साथ मार्किट में लेमन टी ,हनी जिंजर टी , मसाला चाय ,मलाई वाली चाय ,लेमन ग्रास टी जैसे काफी सारे ऑप्शंस अवेलेबल है और लोगों को अपने आसपास कुछ भी नया दिखाने की जरूरत है।

एक बार ट्राय जरूर करते हैं तो ऐसे में आपकी सौंफ की गई चाय की प्याली का स्वाद अगर लोगों की जुबान पर चढ़ गया तो वो आपकी रेगुलर कस्टमर्स तो पक्के से बन जाएंगे और लोगों को आपकी चाय के बारे में सजेशन भी देंगे।

याद रखिएगा माउथ मार्केटिंग ना सबसे बड़ी पब्लिसिटी होती है।

  • अपना टी स्टॉल बिजनेस रजिस्टर करे ।

स्मॉल हो या मीडियम टी स्टॉल बिजनेस को सोल प्रोप्राइटर शिप या पार्टनरशिप फर्म के तौर पर रजिस्टर भी किया जा सकता है और अगर कोई पार्टनर इनवॉल्व कर रहे हैं तो LLP या लिमिटेड लायबिलिटी पार्टनरशिप पर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी के तौर पे भी बिजनेस रजिस्टर कर सकते हैं।

सेंट्रल गवर्मेंट की रजिस्ट्रार ऑफ कंपनीज मिनिस्ट्री ऑफ कॉर्पोरेशन अफेयर्स के अंडर ये रजिस्ट्रेशन किया जाता है।

  • टी स्टॉल बिजनेस पर लोन मिलता है ?।

अब बात आती है लोन की कि क्या टी स्टॉल या फिर टी बार के लिए लोन मिलता है तो इसका जवाब ये बिल्कुल हां।

आजकल लगभग किसी भी बिजनेस के लिए लोन की फैसिलिटी है। अगर आप अपने बिजनेस का डिटेल्ड प्रोजेक्ट रिपोर्ट या DPR बनाकर बांट जाते हैं तो लोन मिल सकता है।

कुछ पॉइंट्स जो DPR बनाते समय ध्यान में रखनी चाहिए वो हैं इंट्रोडक्शन टू प्रोजेक्ट टेन इंडस्ट्री ,प्रेजेंट कंडीशन ऑफ द बिजनेस ,मार्केटिंग इन सेलिंग प्लान्स ,कॉस्ट ऑफ प्रोजेक्ट ,कॉस्ट ऑफ प्रॉडक्शन प्रॉफिटेबिलिटी वेस्टवियर बनाने के लिए आप किसी CA या लॉयर की हेल्प भी ले सकते हैं।

साथ ही माइक्रो स्मॉल एंड मीडियम एंटरप्राइजेज यानी MSME के अंदर स्मॉल स्केल इंडस्ट्री में अगर आपने रजिस्ट्रेशन करवा लिया है तो MSMED ऐक्ट 2006 के अंडर आपको गवर्मेंट की रफ से सब्सिडी भी मिल सकती है।

गवर्मेंट में स्कीम्स के बारे में अब MSMED.GOV.IN पर जाकर की सारी डिटेल्स देख सकते हैं। अब बात करें अगर मार्केटिंग की तो सोशल मीडिया से तौबा बिल्कुल ना करें।

मतलब ये कि इंटरनेट और ऑनलाइन मार्केटिंग के जमाने में आपका सोशल मीडिया और ऑनलाइन प्रेजेंस बहुत जरूरी है। इसलिए अगर आप अपना बिजनेस शुरू कर रहे हैं तो डे वन से अपना एक फेसबुक इंस्टाग्राम और यू ट्यूब पर पेज और चैनल जरूर बना लें।

जहां पर आप चाय के विडियो अपने कस्टमर्स के रिव्यू और एक्सपीरियंस डाल सकें। जबसे गूगल ने सर्चिंग ऑप्शंस के साथ NEAR me वाली फसिलिटी दी है लोग इसको बहुत यूज कर रहे हैं तो ऐसे में अगर आप सर्च रिजल्ट में आएंगे तो बिजनस बढ़ने के चांसेस भी ज्यादा होंगे तो इन सब बातों के बारे में जान लेने के बाद अब बात आती है ।

  • टी स्टॉल बिजनेस में इनवेस्टमेंट कितना होता है ।

चाय का बिजनेस इतना आसान है की आप इसे 5000 रुपये से शरू कर सकते है । आज कल तो लोग चाय की होम डिलीवरी भी कर रहे है । जैसे की CHAAYOS . Dilhi , Gurugram , Mumbai , faridabad , Noida , Bengluru जैसे बड़े शहरों में उनका टार्न ओवर 70 करोड़ तक का है ।

  • यह भी जान लीजिये 
  • चाय पत्ती कितने रुपए किलो है?

थोक में 12-13 के दाम पर बिकने वाली हरी पत्ती अब 40 रुपये प्रतिकिलो के दाम पर बिक रही है। वहीं 100 रुपये वाली चाय में 40-60 रुपये और 200 रुपये की कीमत वाली चाय में लगभग 100 रुपये की तेजी आई है।
  • चाय की पत्ती कैसे तैयार की जाती है? चाय की पत्ती कैसे तैयार की जाती है Plucking

चाय की पत्तियां और फ्लश, जिसमें एक टर्मिनल कली और दो युवा पत्ते शामिल हैं, को कैमेलिया साइनेंसिस झाड़ियों से उठाया जाता है। यह काम वंसत के दौरान या गर्मियों के अंदर वर्ष मे दो बार किया जाता है। चाय के फ्लश की शरद ऋतु या सर्दियों की पिकिंग बहुत कम होती है।
  • 1 लीटर दूध में कितनी चाय बनती है?

इतनी मात्रा में चाय बनाने के लिए 6 लोगों की टीम है. चाय के लिए 30 किलोग्राम दूध पाउडर को 300 लीटर पानी के साथ उबाला जाता है. जब दूध पूरी तरह तैयार हो जाता है तो उसमें 50 किलो चीनी और चायपत्ती डाली जाती है ।
  • सबसे बढ़िया चाय पत्ती कौन सी है?

भारत में सबसे अच्छा चायपत्ती कौन सा है
  1. Tata Tea.
  2. Brooke Bond Taaza. …
  3. Brooke Bond Red Level. …
  4. Lipton Green Tea. …
  5. Pataka. …
  6. Brooke Bond Taj Mahal. …
  7. Wagh Bakri.
  8. Tetley Tea
  • ग्रीन टी का पौधा कैसे होता है?

हरी चाय (अंग्रेज़ी: ग्रीन टी) एक प्रकार की चाय होती है, जो कैमेलिया साइनेन्सिस नामक पौधे की पत्तियों से बनायी जाती है। इसके बनाने की प्रक्रिया में ऑक्सीकरण न्यूनतम होता है। इसका उद्गम चीन में हुआ था और आगे चलकर एशिया में जापान से मध्य-पूर्व की कई संस्कृतियों से संबंधित रही। इसके सेवन के काफी लाभ होते हैं।
  • चाय कितने प्रकार की होती है?

पारंपारिक चाय के अलावा 8 तरह से पी सकते हैं आप चाय
  • १ – ब्लैक टी
  • २ – पुदीना टी
  • ३ – रास्पबेरी टी
  • ४ – रोज़ टी
  • ५ – कैमोमाइल टी
  • ६ – यैलो टी
  • ८ – स्टार अनीस टी
  • सबसे अच्छी चाय कैसे बनाएं?

– चायपत्ती को हमेशा उबलते पानी में डालें, इससे इसका रंग और फ्लेवर अच्छा आएगा. – दूध और चीनी की मात्रा अपने स्वादानुसार डालकर एक बार अच्छी तरह उबालें. आप चाहें तो चम्मच से इसे चलाते रहें. – बहुत ज्यादा उबालने से चाय का स्वाद कड़वा हो जाता है ।
  • भारत की सबसे महंगी चाय कौन सी है? मकईबारी चायों में नंबर एक

दार्जलिंग की मकईबारी चाय इतनी बेहतरीन है कि इसके दिवाने भारत में ही नहीं विदेशों में भी है, यही वजह है कि मकईबारी सबसे महंगी चायों में नंबर एक है। इस चाय का बगान तकरीबन 155 साल पुराना है जो दार्जलिंग के कुरसियोंग में स्थित है।
  • दुनिया की सबसे महंगी चाय कौन सी है?

दुनिया में सबसे महंगी चाय कौन सी हैं? अभी तक आपने कई चाय की पत्तियों के बारे में सुना होगा लेकिन चीन में मिलने वाली “दाहुंग पाओ” नाम की चाय की पत्तियों के बारे में शायद ही सुना होगा। ये दुनिया की सबसे महंगी चाय है। जिसकी एक किलो की कीमत 9 करोड़ है।
  • चाय में क्या क्या चीज डालनी पड़ती है?

  • ३ टेबल-स्पून लौंग
  • १/४ कप इलायची
  • १ १/२ कप काली मिर्च
  • २ टुकड़े दालचीनी
  • १/४ कप सौंठ
  • १ टी-स्पून जायफल पाउडर
  • ग्रीन टी में क्या क्या सामग्री होती है?

सामग्री:
  • आधा या एक चम्मच ग्रीनटी पाउडर
  • एक कप पानी
  • एक चम्मच शहद
  • खाली पेट ग्रीन टी पीने से क्या होता है?

ग्रीन टी में टैनिन होता है जो पेट में एसिड को बढ़ा सकता है जिससे पेट में दर्द हो सकता है। पेट में अत्यधिक एसिड पहुंचने से मिचली यानी घबराहट या उलटी (Nauseous) जैसा अहसास हो सकता है। खाली पेट ग्रीन टी के सेवन से कब्ज (constipation) की समस्या को भी जन्म दे सकता है। इसलिए खाली पेट ग्रीन टी का सेवन नहीं करना चाहिए।
  • ग्रीन कॉफी से कितने दिन में वजन कम होता है?

रोजाना लें एक कप ग्रीन कॉफी और 15 दिन के अंदर 5 kg वजन आसानी से कर सकते हैं ।
  • ग्रीन कॉफी पीने से क्या फायदा होता है?

ग्रीन कॉफी के फायदे:
  1. शरीर में एनर्जी लाए ग्रीन कॉफी बीन्स में क्रोनॉलोजीकल एसिड होता है. …
  2. वजन नियंत्रण ग्रीन कॉफी बीन्स में भरपूर विटामिन और खनिज पाया जाता है. …
  3. रिच एंटीऑक्सीडेंट ग्रीन कॉफी बीन्स एंटीऑक्सिडेंट्स से समृद्ध है. …
  4. मधुमेह (डायबिटीज) को करे कंट्रोल …
  5. ब्लड प्रेशर करे नियंत्रण
  • ग्रीन टी और ग्रीन कॉफी में क्या अंतर है? ग्रीन टी और ग्रीन कॉफी में अंतर

ग्रीन काफी कुछ ग्रीन टी के समान है। लेकिन ग्रीन कॉफी अधिक फायदेमंद है क्योंकि ग्रीन कॉफी के कच्चे और बिना भुने स्वरूप में जो तत्व मौजूद होते हैं उनसे पाचन क्षमता ठीक रहती है और ठीक इसके विपरीत इन्हीं तत्वों से वजन नियंत्रण में भी मदद मिलती है।
  • ग्रीन कॉफी क्या है ?

ग्रीन कॉफी असल में कच्ची कॉफी बीन्स से बनाई जाती है। इसमें क्लोरोजेनिक ऐसिड होता है जो वजन घटाने में सहायक माना जाता है। कच्ची कॉफी बीन्स में क्लोरोजेनिक ऐसिड की मात्रा अधिक होती है, इसीलिए पकी हुई कॉफी बीन्स के मुकाबले, कच्ची बीन्स से निकली कॉफी को वेट लॉस में इफेक्टिव माना गया है।
  • ग्रीन कॉफी से वजन कैसे घटाएं?

ग्रीन कॉफी आपका मेटाबॉलिक रेंज बढ़ा देती है। जिसके कारण आप सामान्य एक्टिविटीज में भी पहले से ज्यादा कैलोरी खर्च होती हैं। -नियमित रुप से ग्रीन कॉफी का सेवन करते रहे हैं तो ग्रीन बींस में मौजूद क्लोरोजेनिक एसिड आपके शरीर में शुगर की मात्रा को कम करता है। इससे फैट बर्न की क्रिया तेज हो जाती है।
  • ग्रीन टी का पौधा कैसे होता है?

हरी चाय (अंग्रेज़ी: ग्रीन टी) एक प्रकार की चाय होती है, जो कैमेलिया साइनेन्सिस नामक पौधे की पत्तियों से बनायी जाती है। इसके बनाने की प्रक्रिया में ऑक्सीकरण न्यूनतम होता है। इसका उद्गम चीन में हुआ था और आगे चलकर एशिया में जापान से मध्य-पूर्व की कई संस्कृतियों से संबंधित रही। इसके सेवन के काफी लाभ होते हैं।
  • ग्रीन टी में क्या क्या डालते हैं?

अगर आपको भी ग्रीन टी के इस्तेमाल का सही समय और तरीका पता नहीं है तो ये टिप्स आपकी मदद करेंगे.
  • खाली पेट कभी भी ग्रीन टी न पिएं.
  • खाना खाने से एक या दो घंटे पहले ही ग्रीन टी पी लें.
  • कुछ लोग ग्रीन टी में दूध और चीनी मिलाकर पीते हैं. …
  • ग्रीन टी को शहद के साथ मिलाकर पीना फायदेमंद रहेगा.

वीडियो देखना न भूले ।

तो दोस्तों हम उम्मीद करते है की आपको हमारे द्वारा दी गई यह जानकारी बहुत पसंद आई होगी की आप अपना चाय का बिजनेस कैसे शरू कर सकते है ? 

One comment

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *