Garment Shop कैसे शरू करे ? पूरी जानकारी

हेलो दोस्तों आप सबको मेरा प्यार भरा नमस्कार मै हु आपका दोस्त पियूष और आज मै आपको Garment Shop कैसे शरू करे ? पूरी जानकारी इसकी पूरी जानकारी देने वाला हु । 

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तो आप सच में Garment Shop के बारे जानना चाहते है तो आप सही जगह आये हो और आप को मै यहाँ पर पूरी सही जानकारी देने की कोशिश करूँगा तो आप हमारे साथ जुड़े रहिये अंत तक । 

हमारा आउटफिट हमारी पहचान होती है हम क्या पहनते हैं कैसे दिखाई देते हैं। आज का जमाना बहुत ज्यादा नोटिस करता है। आप ऑफिस जा रहे हों दोस्तों से मिलने जा रहे हो किसी पार्टी में जाना हो या फिर किसी की वेडिंग में एक वेल ड्रेस्ड पर्सन को हमेशा इम्पॉर्टेंस मिलती है ।

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हमारे कपड़े एक तरफ हमारा लाइफ स्टाइल डिफाइन करते हैं वहीं दूसरी तरफ उनके साथ हम कॉन्फिडेंट भी फील करते हैं। इसके अलावा भी अलग अलग लोकेशंस के लिए अलग अलग कपड़े हमेशा ही डिमांड में रहते हैं।

इसलिए आज मार्केट पे गारमेंट्स और आउटफिट का बिजनेस सदाबहार है एवरग्रीन है उसे गारमेंट्स की बात करें तो अलग अलग लोगों की अलग अलग च्वाइस होती है।

फॉर्मल ,सेमीफाइनल्स ,कैजुअल ,किड्स वियर ,विमेंस वियर ,मेंस वियर ,वैडिंग कलेक्शंस स्पोर्ट्स वियर और भी ढेर सारी वैरायटी के साथ गारमेंट्स इंडस्ट्री कस्टमर्स को इनकी डिमांड के हिसाब से इतनी वाइड रेंज देती है कि लोग हर कलेक्शन से कुछ न कुछ जरूर रखना पसंद करते हैं।

इसलिए अगर गारमेंट इंडस्ट्री में आप बिजनेस करने की सोच रहे हैं तो ये इंडस्ट्री आपको हमेशा फायदे में रख सकती है क्योंकि हमारी पूरी लाइफ स्टाइल को हम बिना कपड़ों के सोच ही नहीं सकते।

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इसलिए आज के इस लेख में हम आपको पूरी केस स्टडी के साथ बताएगा कि अपनी खुद की गारमेंट शॉप के साथ कैसी शुरू कर सकते हैं।

गारमेंट का बिजनेस उसके लिए सबसे पहले जानते हैं कि कितनी बड़ी है इंडियन गारमेंट इंडस्ट्री गारमेंट इंडस्ट्री इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री का ही हिस्सा है।

इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री की वैल्यू की बात करें तो ये लगभग 108 बिलियन डॉलर्स की है और इस साल के अंत तक इसके 223 बिलियन डॉलर्स तक पहुँचने की उम्मीद है।

इंडियन टेक्सटाइल इंडस्ट्री अपने आप में इतनी कैपेबल है कि लगभग 45 मिलियन लोग डाइरेक्टली और 60 मिलियन लोग इन डायरेक्टली इस इंडस्ट्री से अपनी रोजी रोटी चलाते हैं।

इंडियन GDP या ग्रॉस डोमेस्टिक प्रॉडक्ट की बात करें तो टेक्सटाइल इंडस्ट्री इसमें 5 पर्सेंट का कॉन्ट्रिब्यूशन देती है। साथ ही इंडिया लगभग 42 बिलियन डॉलर्स का एक्सपोर्ट करता है जिसमें 13 प्रतिशत से ज्यादा हिस्सेदारी टेक्सटाइल इंडस्ट्री की है।

जब भी ज्यादातर इंडियंस को बिजनेस करने का खयाल आता है तो अलग अलग बिजनेस आइडियाज की लिस्ट में सबसे कॉमन आइडिया गारमेंट शॉप का ही होता है क्योंकि हमें पता है कि अमीर हो या गरीब सबको तन ढकने के लिए कपड़े तो चाहिए ही और मार्केट में 100 रुपये से लेकर के हजारों रुपए तक के कपड़े मिल जाते हैं।

तो चलिए जानते हैं कि अपना खुद का गारमेंट शॉप कैसे शुरू किया जा सकता है बिज़नेस कैपिटल।

  • अपना खुद का गारमेंट शॉप कैसे शुरू किया जा सकता है ?

बिज़नेस कैपिटल।

इसके लिए सबसे पहले हमें जानना होगा बिजनेस कैपिटल के बारे में एक छोटी सी गारमेंट शॉप अगर आप खोलने जाए तो भी कम से कम 5 लाख रुपये तो लग ही जाएंगे क्योंकि शॉप या शोरूम बनाने से लेकर के स्टाफ इलेक्ट्रिसिटी स्टॉक और बाकी खर्चे जोड़कर मिनिमम इतना तो लग ही जाएगा।

इसके अलावा आपका इन्वेस्टमेंट इस बात पर भी डिपेंड करेगा कि आपके बिजनेस का स्केल कितना बड़ा है। क्या आप होल सेलर बनना चाहते हैं या रीटेलर इस स्पेसिफिक ब्रैंड के कपड़े रखना चाहते हैं या मिडल क्लास फैमिली के लिए इकनॉमिक्स वराइटी आइटम सही लोकेशन से मिलेगा बिज़नेस को सही डिक्शन।

आपको भी अगर शॉपिंग करने का 5 से 10 साल का एक्सपीरियंस होगा तो आपने भी ये बात तो नोटिस की ही होगी कि चाहे छोटी सी दुकान हो शोरूम हो या फिर शॉपिंग मॉल इनकी सही लोकेशन सिलेक्ट करना बिजनेस को फायदा या घाटा करवा सकता है।

इसीलिए आप अपनी शॉप की लोकेशन किसी ऐसी जगह पर लीजिए जहां आते जाते लोगों की नजर आपकी दुकान पर पड़ी क्योंकि जो दिखता है वही बिकता है।

अगर आपका शोरूम या शॉप मेन रोड पर या मेन मार्केट में होगा जहां से होकर बाजार की ज्यादातर भीड़ गुजरती है तो लोग आपकी शॉप को जरूर विजिट करेंगे और कस्टमर्स का बर्ताव लोग आपकी फ्लो और इनकम को बनाए रखेगा।

इसी के साथ जितनी अच्छी नॉलेज उतनी अच्छी सक्सेस रेट के बारे में तो आपने सुना ही होगा। जी हां अगर आपने गारमेंट शॉप खोलने का अपना मन बना लिया है तो इस इंडस्ट्री के बारे में अभी से ए टू जेड नॉलेज हासिल कीजिए।

हो सके तो किसी बड़े गारमेंट शॉप शोरूम होलसेलर या फिर गारमेंट फैक्ट्री में छह महीने या सालभर की नौकरी कर लीजिए।

इसमें आपको कपड़ों की पहचान भी हो जाएगी। मार्केट की डिमांड का भी पता चल जाएगा और कपड़ों में कितना मार्जिन है कौन सा माल कितने का और कहां से आता है। मार्केट में लेटेस्ट ट्रेंड क्या चल रहा है।

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इन सारे पॉइंट्स जब आपके क्लियर हो जाएंगे तो समझिए कि आपकी तरफ से ट्रेनिंग हो जाएगी और आपकी नेट प्रैक्टिस जितनी अच्छी होगी आप मैदान पर उतना ही बेहतर परफॉर्म कर पाएंगे। सबसे बड़ी बात कि किसी भी होलसेलर डीलर या गारमेंट मैन्युफैक्चरिंग कंपनी से अगर आपने अच्छे रिलेशन बना लिए तो आपको अपने बिजनेस के लिए सही रेट पर माल मिलने में आसानी हो जाएगी क्योंकि बिजनेस रिलेशनशिप पर चलता है।

इसी के साथ मार्केट रिसर्च की बात करें तो अब यहां पर बेसिस ओपन करने जा रहे हैं। क्या वो अर्बन एरिया है या रूरल एरिया। ये भी बिजनेस में बहुत बड़ा फैक्टर होता है क्योंकि अलग अलग जगहों पर लोगों के ड्रेसिंग सेंस का अलग टेस्ट होता है और आपको अपना कलेक्शन भी उसी हिसाब से रखना होता है।

कस्टमर्स के पैसे खर्च करने की कपैसिटी कितनी है। आपको ये भी कैलकुलेट करना पड़ता है। इसीलिए इन सारी चीजों पर आपको थोड़ी रिसर्च तो करनी ही पड़ेगी। इसके अलावा भी आपके एरिया में कौन वो बिजनेस मैन है जो ऑलरेडी स्पेस के की प्लेयर्स हैं।

आपको उन्हें भी थोड़ा ट्राय करना पड़ेगा ताकि आप जब उन्हें कंपीट करने उतरे तो आपकी तैयारी पूरी हो। तब जाकर आप मार्केट में सर्वाइव कर पाएंगे। इसीलिए मार्केट रिसर्च बहुत जरूरी है। मार्केट रिसर्च के बाद अच्छे सप्लायर को ढूंढना होगा।

गारमेंट का बिजनेस ऐसा काम है जिसमें आपको हमेशा ही क्वॉलिटी मेंटेन रखनी होती है क्योंकि कपड़े लोग हमेशा पहनते हैं और अगर कोई ड्रेस किसी की फेवरिट हो तो उसे वो बार बार पहनते हैं इसलिए एक कस्टमर की तरह सोचिए कि अगर आप खुद ही कस्टमर होंगे तो किसी गारमेंट शॉप से आपकी क्या एक्सपेक्टेशंस रहेंगी।

क्वॉलिटी ,प्रोडक्ट कम्फर्ट और रीजनेबल प्राइस इन तीनों क्राइटेरिया को मैनेज करने के लिए आपको अच्छे सप्लायर की जरूरत पड़ेगी तो आप अपने एरिया के हिसाब से अच्छे सप्लायर ढूंढे जो आपके एक्सपेक्टेशंस पर खरा उतरे क्योंकि में कोई भी बिजनेस कस्टमर का भरोसा जीतने पर डिपेंड करता है क्योंकि अगर आपकी कस्टमर्स लॉयल रहेंगी तो वो बाकी लोगों को भी आपकी शॉप या शोरूम के बारे में रिकमेंड करेंगे और ऐसा हुआ तो आपके बिजनेस की ग्रोथ रेट हमेशा हाई रहेगी।

अब आगे बात करते हैं की फैक्टर और बिजनेस मॉडल को डिसाइड करने के बारे में गारमेंट इंडस्ट्री में ढेर सारे आइटम्स अवेलेबल है। आप क्या कहना चाहते हैं यह आप पर डिपेंड करेगा।

अगर आप किसी छोटी जगह पर अपनी शॉप खोलना चाहते हैं तो आप हर तरह के कस्टमर्स को टारगेट कर सकते हैं। मतलब हर एज ग्रुप और जेंडर के हिसाब से आप अपना कलेक्शन रख सकते हैं या फिर अगर आप किसी बड़े शहर में काम शुरू करने जा रही हैं तो आप किसी एक पर्टिक्युलर सेगमेंट को टारगेट कर सकते हैं।

मार्केट में किस चीज की सबसे ज्यादा डिमांड है और कौन सी चीज एबसेंट है इस पर भी आपका फोकस होना चाहिए क्योंकि जब तक आपकी USP क्रिएट नहीं करेंगे तब तक आप कस्टमर्स की नजर में कम ही आएंगे। अगला पॉइंट आता है ।

टाइप सब गारमेंट बिजनेस। आप अपने गारमेंट की बिजनेस आइडिया के साथ अलग अलग तरह
से अपनी इनिंग शुरू कर सकते हैं जैसे शोरूम में शॉप और शोरूम में ज्यादा अंतर तो नहीं होता।

शोरूम किसी दुकान का एक्सटेंडेड वर्जन ही होता है जहां चीजें अच्छे से डिस्प्ले रखी होती है और उसका कंस्ट्रक्शन भी काफी मॉडर्न और अट्रैक्टिव होता है।

इसमें आप होलसेलर और रिटेलर दोनों सेगमेंट में जा सकते हैं। इसके अलावा आप फ्रेंचाइजी भी ले सकते हैं। गारमेंट का बिजनेस शुरू करने के लिए आप किसी वैलेस टैबलेट ब्रैंड की फ्रेंचाइजी भी ले सकते हैं जिसे मान्यवर लुइस फिलिप और भी इसी ढेर सारे ब्रैंड्स है जो अलग अलग एज ग्रुप और जेंडर को टारगेट करते हैं।

फ्रेंचाइजी के कॉन्सेप्ट पर आप अपने बिजनेस लोकेशन का सेटअप किसी शॉपिंग मॉल में भी लगा सकते हैं। हां वहां इसकी कॉस्ट थोड़ी ज्यादा होगी पर आप वहां पर अपर क्लास को भी टारगेट कर सकते हैं जिनकी बाइंग केपेसिटी ज्यादा होती है।

वैसे इन सभी चीजों के साथ एक और चीज है जो है ओन लाइन यानी कि आनलाईन स्टोर में भी कोई बुराई नहीं है। आजकल लोगों को ऑनलाइन शॉपिंग का क्रेज है। जरूरत की लगभग हर चीज में आनलाइन मार्केट ग्रो कर रहा है।

कपड़े ,जूते ,लाइफस्टाइल प्रॉडक्ट्स ,इलेक्ट्रॉनिक आइटम्स ,ग्रोसरी सब कुछ ऑनलाइन बिक रहा है इसलिए आप अपनी खुद की ऑनलाइन वेबसाइट बनवाकर और सोशल मीडिया मार्केटिंग के जरिए भी अपना बिजनेस शुरू कर सकते हैं।

सोशल मीडिया पर अपनी टाइमलाइन को स्क्रॉल करते हुए आपको बहुत से कमर्शल दिखाई देते होंगे जिनमें आउटफिट्स और गारमेंट्स के भी ऐड्स होते हैं।

तो अगर आपका अच्छा कलेक्शन है और प्रोडक्ट भी यूनीक है तो आपके के रेगुलर कस्टमर्स के साथ साथ ऑनलाइन कस्टमर्स भी आपकी प्रॉफिट को बढ़ाएंगे। इसी के साथ अब आगे जानते हैं ।

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  • लाइसेंस ।

है मतलब ये कि गारमेंट शॉप खोलने के लिए सबसे जरूरी होता है एक ट्रेड लाइसेंस। अलग अलग राज्यों में इसके अलग अलग रूल्स हो सकते हैं।

ट्रेड लाइसेंस आपको म्यूनिसिपल कॉरपोरेशन या फिर आपके लोकल अथॉरिटी से मिल सकती है। आपके एरिया में इसे कौन इशू करता है ये आप पता लगा लीजिएगा।

साथ ही ट्रेड लाइसेंस को रिन्यू भी कराना पड़ता है जिस एक्सपाइरी डेट से एक महीने पहले रिन्यू करवाना होता है तो इन बातों का ध्यान रखिएगा।

  • GST रजिस्ट्रेशन

आगे GST रजिस्ट्रेशन की बात करें तो आजकल ज्यादातर बेसिस में GST रजिस्ट्रेशन की जरूरत पड़ रही है।

आपको गारमेंट शॉप के लिए भी पड़ सकती है अगर आपका एनुअल टर्नओवर या बिज़नस 20 लाख रुपए से ज्यादा है तो आप GST रजिस्ट्रेशन भी करवा लीजिएगा।

इससे आपके टैक्स रिलेटेड यीशु क्लियर रहेंगे और हां इनकम टैक्स जरूर फाइल कीजिएगा ताकि आपका बिजनेस किसी भी लीगल यीशु से दूर रहेगा।

अगला है फायर सेफ्टी लाइसेंस। अगर आपके एरिया में कोई फायर ब्रिगेड या फायर सेफ्टी डिपार्टमेंट है तो एक फायर सेफ्टी लाइसेंस भी बनवा लीजिएगा क्योंकि गारमेंट शॉप में हमेशा फायर इंसिडेंट्स होने का रिस्क ज्यादा होता है। इसीलिए ये लाइसेंस जरूरी है।

और हा अपने शोरूम या दुकान पर आग बजाने वाली सेफ्टी भी जरूर रखियेगा । ताकि अचानक   आग लग जाये तो आग को कंट्रोल किया जा सके । और आपका नुकसान काम हो ।

  • डिस्काउंट कितना दे ।

अगर कोई कस्टमर हमारी दुकान या शोरूम पर आता है तो उसकी नजर डिस्काउंट पर पड़ती है । डिस्काउंट के बारे में हम हक़ जताते हुए यह कहते है की तो कहने का यही मतलब है की जब आप अपनी शॉप की ओपनिंग करे तब पहले दिन से डिस्काउंट जरूर रखियेगा ।

क्यूंकि यह मार्केटिंग स्टेटजी होती है की आप अपना प्रोडक्ट 100 रुपये में बेचते है तो उसकी प्राइस आप डबल करके उस पर 50% डिस्काउंट टैग लगा दीजिये ।

  • कैसे एक कपड़े व्यवसाय शुरू करे ?

भारत में अपना कपड़ों का व्यवसाय शुरू करने के लिए 10 स्टेप यहाँ दिए गए हैं:
  1. 1 ) अपनी पूँजी इकट्ठा करें …
  2. 2 ) अपना GST पंजीकरण करा लें …
  3. 3 ) कपड़े की दुकान का स्थान सोच समझ कर चुनें …
  4. 4 ) अपने कपड़े की दुकान को छोटे सिरे से शुरू करें …
  5. 5 ) अपने प्रतिद्वेंदियों से सीखें …
  6. 6 ) रचनात्मक बनिए पर अपने अस्तित्व को बरक़रार रखें
  • ऑनलाइन कपड़ों का बिज़नेस कैसे करे?

इसके लिए आप अन्य बड़ी वेबसाइट के साथ भी जुड़ सकते हैं और अपना प्रोडक्ट अपलोड करके अपना व्यापार शुरू कर सकते हैं और इससे आपको बहुत फायदा होगा और आप अधिक से अधिक प्रोडक्ट बेच पाएंगे सबसे बड़ी चीज है ऑनलाइन में विदेश से भी काफी ज्यादा ऑर्डर आते हैं क्योंकि देश में कई लोग भारतीय कपड़ों को पहनना पसंद करते हैं ।
  • दुकान खोलने के लिए क्या करना चाहिए?

दुकान खोलते समय क्या करें?/What to do

प्रातःकाल ‘ॐ महालक्ष्म्यै च निद्यहे विष्णुपत्नी, च धीमहि तन्यो लक्ष्मी प्रचोदयात’ मंत्र का जाप दुकान खोलते समय करें। दफ्तर या दुकान में पश्चिम व दक्षिण दिशा में अधिक सामान अलमारी, फर्नीचर आदि रखें।

  • कपड़ा कौन सा अच्छा होता है?

अगर वह बेड कवर के रूप में इस्तेमाल होती है तो मोटा एवं किसी भी प्रकार का सुंदर कपड़ा काम मे आ सकता है। परंतु अगर नींद और आराम की बात है तो दो कपड़े सिल्क एवं सूती (सॉफ्ट कॉटन) जो सोते वक्त आपको हर चीज़ का फायदा दे सकें सबसे बढ़िया हैं।
  • कपड़े कितने प्रकार के होते है?

कपड़ों के प्रकार कितने होते सिल्क, लिनन, कॉटन आमतौर पर उपयोग किए जाने वाले कपड़े के प्रकार है। इसके अलावा खादी, ऊनी, रेशमी, कश्मीरी, मलमल, ब्रोकेड, ग्रॉजेट, स्पैंडेस्क, पॉलिस्टर, लाइक्रा, रेयान, विस्कोस जैसे कपड़े शामिल है। लेकिन इन वस्त्रों को बनाने के लिए फाइबर्स का उपयोग किया जाता है।
  • कपड़े कितने प्रकार से प्राप्त रेशों से बनता है?

प्राकृतिक फाइबर (Natural Fiber)

जैसे- कपास के पौधे से सूती कपड़ा (Cotton) , अलसी के पौधे से लिनन का कपड़ा (Linen) , रेशम के कीड़ों से रेशम/ सिल्क (Silk) प्राप्त होता है। इनकी सबसे खास बात ये होती है कि प्राकृतिक रेशे से बना कपड़ा स्किन को किसी भी प्रकार से नुकसान पहुंचाने का काम नहीं करता है।

  • सबसे पुराना टेक्सटाइल धागा कौन सा है?

लिनेन के कपड़े दुनिया के सबसे प्राचीन कपड़ों में से माने जाते हैं: इनका इतिहास हज़ारों वर्ष पुराना है। लगभग 8000 ई ।
  • सबसे मजबूत धागा कौन सा है?

औद्योगिक भारी शुल्क पॉलिएस्टर धागा, सिलाई के लिए पॉलिएस्टर थ्रेड काता
  • स्पन पॉलिएस्टर सिलाई धागा एक बहुत ही आम सिलाई धागा है।
  • यह उच्च दृढ़ता, कम बढ़ाव पूर्ण रंग, और उच्च रंग ग्रेड है। …
  • उद्योग सिलाई की ताकत, गाँठ, और कम बालों के समान में उच्च गुणवत्ता की आवश्यकता है। …
  • विनिर्देश 40 एस / 2 है

वीडियो देखना न भूले ।

तो दोस्तों हम उम्मीद करते है की आपको हमरे द्वारा दी गई यह जानकारी बहोत पसंद आई होगी । तो हमने आपको Garment Shop कैसे शरू करे ?  इसके बारे में पूरी जानकरी दी है ।

तो आप इस जानकारी को आप अपने दोस्तों से शेयर करा सकते है । धन्यवाद ।

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