Fashion Designer कैसे बने ? |How to Become a Fashion Designer Full Information? In HINDI

दोस्तों स्वागत है आपका मेरा नाम है पियूष और आजके इस लेख हम आपको बताने वाले है की आप एक अच्छा Fashion Designer कैसे बने ? इसके बारे में बताने वाले है । 

तो आप इस लेख को पुरे अंत तक जरूर पढ़े ताकि कोई भी जानकरी आपसे छूट न जाये । 

फैशन डिजाइनिंग एक हाइली कॉम्पिटिटिव और हाईली डिजाइन लेबल प्रोफेशनल्स में से एक है। इस प्रोफेशन में आपको सक्सेस मिल सकती है । बस शर्ते है आपका हुनर आपको बाकी डिजाइनर्स से खास बना सकता हो

इसलिए अगर स्केचिंग से लेकर फैब्रिक सेलेक्शन का ये प्रोसेस आपको पसंद आता है । आपमें फैशन डिजाइनिंग स्किल्स है और आप फैशन मार्केट की बदलती हुई रिक्वॉयरमेंट की नॉलेज भी रखते हैं ।

तो आप भी इसे फैशन डिजाइनर बन सकते हैं जिसे नेम और फेम सब मिलता है। ऐसे में आपको इस लेख में हम आपको बताने वाले हैं फैशन डिजाइनर बनने का प्रॉसेस।

इसलिए इस लेख को भी पूरा जरूर पढ़े । तो चलिए शुरू करते हैं सबसे पहले ये जानते हैं कि फैशन डिजाइनिंग क्या है।

  • फैशन डिजाइनिंग क्या है।

फैशन डिजाइनिंग एक ऐसी आर्ट है जिसमें अपने न्यू इनोवेटिव आइडियाज के जरिए क्लोज यानि की कपड़ों को एकदम न्यू कोर्स में तैयार किया जाता है।

इसमें यूनीक एसेसरीज यूज की जाती है और इसे मार्केट में मिलने वाले कपड़ों से बिल्कुल अलग रूप दिया जाता है।

इस काम में फैशन डिजाइनर का इम्पॉर्टेंट रोल होता है जिसे फैशन आइडियाज डिज़ाइन ही नहीं करने होते बल्कि पार्टनर्स को ड्राइव करना फैब्रिक सिलेक्ट करना फैब्रिक को काटना सिलना परफेक्ट पेंट तैयार करना और फैशन शोज अटेंड करने जैसे बहुत से जरूरी काम करने होते है।

इतना ही नहीं फैशन डिजाइनर बनने के लिए आपको फैब्रिक और मार्केट की डिमांड की नॉलेज होने के साथ साथ बिजनेस सेंस भी होना जरूरी है।

एक फैशन डिजाइनर क्लोज और एसेसरीज के अलावा ज्यूलरी फुटवेयर जैसी बहुत सारी चीजें डिजाइन करता है।

अक्सर फैशन डिजाइनिंग और टेक्सटाइल डिजाइनिंग में कन्फ्यूजन हो जाता है जबकि ये दोनों भले ही एक दूसरे से जुड़े होते हैं लेकिन इनमें थोडा डिफरेंस होता है।

फैशन डिजाइनर क्लोदिंग के लिए डिजाइंस और कार्टून्स क्रिएट करता है। वो फुटवेयर और एसेसरीज की डिजाइन भी क्रिएट करता है।

उनका काम क्लोदिंग डिजाइन को इमेजिन करना उसका स्केच बनाना फैब्रिक सिलेक्ट करना और उसे काटकर सिलकर की तैयार करना होता है।

इसके लिए वो फैब्रिक प्रोपर्टीज गारमेंट पैटर्न मेकिंग गारमेंट फुट और ह्यूमन बॉडी शेप्स की नॉलेज गेन करते हैं।

वो अपने क्रिएशन के लिए फैब्रिक और बाकी एसेसरीज कलेक्ट करते हैं । और जरूरत पड़ने पर फैब्रिक डिजाइन्स के लिए टेक्सटाइल डिजाइनर की मदद भी लेते हैं।

जबकि टेक्सटाइल डिजाइनर फैब्रिक के लिए डिजाइंस और पार्ट्स क्रिएट करते हैं । और फैब्रिक स्ट्रक्चर्स को डेवलप करते हैं। ‘

टेक्सटाइल डिजाइनर का एन प्रोडक्ट फैब्रिक होता है। उनका काम धागा सिलेक्ट करना उसका कलर और डाई सिलेक्ट करना होता है ताकि नया फैब्रिक टेक्सचर तैयार किया जा सके।

फैशन डिजाइनर और टेक्सटाइल डिजाइनर के बीच के इस डिफरेंस को समझ लेने के बाद आपको बताते हैं फैशन डिजाइनर बनने के लिए आपमें ये स्किल्स भी होनी चाहिए।

  • Fashion डिज़ाइनर बनने स्किल्स क्या होनी चाहिए।

क्रिएटिविटी कलर शेड सॉफ्ट टोन्स का अच्छा सेंस इनोवेटिव आइडियाज और ओरिजिनल टी यानि की जो भी ओरिजनल है । गुड कम्युनिकेशन स्किल्स , गुड माझे नेशन ऑब्जर्वेशन , गुड अंडरस्टैंडिंग ऑफ मार्केट कमांडेंट , कस्टमर लाइफ स्टाइल , विजुअल इमेजिनेशन , स्केचिंग स्किल्स कॉम्पिटिटिव कलर्स और आर्टिस्टिक थिंकिंग तो फैशन डिजाइनिंग में आप ग्रेजुएशन और पोस्ट ग्रैजुएट लेवल पर तो कोर्स कर ही सकते हैं । 

के अलावा फैशन डिजाइनिंग में शॉर्ट टर्म डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कोर्स भी किए जा सकते हैं। आइए जानते हैं कि फैशन डिजाइनिंग कोर्स करने के लिए क्राइटेरिया क्या है।

  • Fashion डिज़ाइनर बनने क्राइटेरिया क्या है।

फैशन डिजाइनर बनने के लिए आपको 10+2 क्लास किसी भी स्ट्रीम से क्लियर करनी होगी ।  जिसमें आपको मिनिमम 50 परसेंट मार्क्स होने चाहिए । जिसके बाद आप ग्रैजुएशन लेवल पर फैशन डिजाइन कोर्स में एडमिशन ले सकेंगे ।

और ज्यादतर बैचलर डिग्री कोर्सेज में एडमिशन के लिए एंट्रेंस टेस्ट में वैलिड स्कोर करना भी जरूरी है।

फैशन डिजाइन में पोस्ट ग्रेजुएट कोर्स करने के लिए आपको फैशन डिजाइनिंग में ग्रेजुएट होना जरूरी है।

सर्टिफिकेट डिप्लोमा कोर्स के लिए आपका 10+2 क्लियर करना जरूरी है।

  • Fashion डिज़ाइनर ड्यूरेशन क्या है ।

क्राइटीरिया के बाद आप जानते हैं फैशन डिजाइनिंग कोर्स की ड्यूरेशन के बारे में फैशन डिजाइन में डिप्लोमा कोर्स की ड्यूरेशन एक से तीन साल होती है ।

जबकि बैचलर डिग्री कोर्स की ड्यूरेशन तीन से चार साल तक होती है। फैशन डिजाइनिंग में कंप्यूटर एडेड डिप्लोमा की ड्यूरेशन चार महीने से एक साल तक होती है ।

और पोस्ट ग्रेजुएट डिग्री कोर्स दो साल के ड्यूरेशन में कंप्लीट होते हैं। फैशन डिजाइन में पीजी डिप्लोमा 12 महीने से 18 महीने की ड्यूरेशन का होता है ।

और सर्टिफिकेट कोर्स छह महीने से एक साल की ड्यूरेशन में पूरा होता है। एनुअल फीस की बात करें तो ये कोर्स टू कोर्स वैरी करती है ।

जैसे पोर्ट या ड्यूरेशन वाले बी डिजाइन इन फैशन को उसकी अपरोक्ष एनुअल फीस एक लाख 15 हजार से एक लाख 20 हजार तक होती है।

पीरियड ड्यूरेशन वाले कोर्स बैचलर्स और फैशन डिजाइन के एनुअल फीस उपरोक्त 3 लाख 12 हजार तक होती है।

3 साल में कंप्लीट होने वाले Bsc इन फैशन डिजाइनिंग कोर्स की फीस कम्पार्टमेंट भी काफी कम यानि की 20 से 40 हजार तक होती है मतलब 20 हजार से 40 हजार।

वहीं मास्टर्स और फैशन मैनेजमेंट की पीसफुल रॉक्स 3 लाख 12 हजार हो सकती है। फैशन डिजाइनिंग में सर्टिफिकेट कोर्स करने की फीस 15 हजार से 60 हजार रुपए तक हो सकती है।

इसके अलावा डिप्लोमा कोर्स लगभग 60 से 80 हजार रुपए में किया जा सकता है । तो एनुअल फीस कॉलेज के अकॉर्डिंग वैरी करेगी।

  • Fashion डिज़ाइनर कोर्स 

फैशन डिजाइन में बैचलर डिग्री के लिए आपको इन कोर्सेस के आप्शन मिल जाएंगे।

फैशन डिजाइन , फैशन स्टाइलिंग इमेज डिजाइनिंग , लेदर डिजाइन , जूलरी डिजाइन कम्युनिकेशन डिजाइन इसी तरह मास्टर्स डिग्री के लिए आपके पास ये सारे कोर्स ऑप्शंस उपलब्ध होंगे।

फैशन डिजाइन , फैशन डिजाइन एंड बिजनेस , मैनेजमेंट टेक्सटाइल , मैनेजमेंट पैशन कम्यूनिकेशन फैशन मर्चेंडाइजिंग एंड रिटेल मैनेजमेंट फैशन डिजाइन में आप इनमें से कोई भी डिप्लोमा कोर्स चूज कर सकते हैं।

फैशन डिजाइन , फैशन कम्युनिकेशन , फैशन एसेसरीज , फैशन इलस्ट्रेशन , फैशन मार्केटिंग और फैशन मैनेजमेंट फैशन डिजाइन में सर्टिफिकेट कोर्स करने के लिए आपको ये ऑप्शंस मिलेंगे।

सर्टिफिकेट इन क्रिएटिव फैशन स्टाइलिंग , सर्टिफिकेट इन टेक्सटाइल्स आफ इंटीरियर्स इन फैशन , सर्टिफिकेट इन पाटन मेकिंग एंड गारमेंट कंस्ट्रक्शन , सर्टिफिकेट इन फैशन डिजाइनिंग , सर्टिफिकेट इन फंडामेंटल्स ऑफ फैशन डिजाइनिंग , सर्टिफिकेट कोर्स इन फैशन मर्चेंडाइजिंग और सर्टिफिकेट इन पैर्टन डिजाइन कुछ सर्टिफिकेट और डिप्लोमा कोर्सेज टेंथ क्लास के बाद भी किए जा सकते हैं ।

जैसे सर्टिफिकेट इन फैशन स्टाइलिस्ट इन ट्रॉफी , सर्टिफिकेट कोर्स इन टेलरिंग एंड डिजाइनिंग और डिप्लोमा इन अपैरल डिजाइन फैशन डिजाइन कोर्स में एडमिशन के लिए कुछ पॉपुलर एंट्रेंस एग्जाम्स ये हैं ।

CEED यानी कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन , NID यानी नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन एंट्रेंस , NIFT यानी नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी एंट्रेंस इन , UCEED यानी अंडरग्रैजुएट कॉमन एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन , AIEED यानी आल इंडिया एंट्रेंस एग्जामिनेशन फॉर डिजाइन । 

.जीडी गोयनका डीडी यानी GD गोयनका डिजाइन आईटीयू टेस्ट IIAD एंट्रेंस एग्जाम यानी इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ आर्ट इन डिजाइन एंट्रेंस और टोल एकेडमी एंट्रेंस एग्जाम तो आपको बताते हैं ।

  • Fashion डिज़ाइनर की INDIA की कॉलेजेस के नाम । 

फैशन डिजाइन कोर्स करने के लिए इंडिया के कुछ बेहतरीन कॉलेजेस के नाम

नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी , दिल्ली

नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी , कोलकाता

नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी , मुम्बई

नैशनल इंस्टीटय़ूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी , बेंगलुरु

नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी , चेन्नई

इंटरनैशनल इंस्टीटय़ूट ऑफ फैशन डिजाइन , पटियाला

इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ आर्ट डिजाइन , दिल्ली

आर्ट एकेडमी ऑफ डिजाइन , जयपुर

जेडी इंस्टिट्यूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी , हैदराबाद

नैशनल इंस्टिट्यूट ऑफ डिजाइन यानी की एन आई डी , अहमदाबाद

वोग इंस्टीटय़ूट ऑफ फैशन टेक्नोलॉजी आने के वी आई एफटी , बेंगलुरु

तो डिग्री कंप्लीट करने के बाद आपको इंटर्नशिप भी जरूर करनी चाहिए । ताकि आपको इंडस्ट्री के बारे में ज्यादा जानने को मिले वर्क एक्सपीरियंस मिले स्किल्स डेवलप हो सके और इस फील्ड में आप नेटवर्क कनेक्शंस बना सके।

  • Fashion डिज़ाइनर की जॉब ऑप्शंस

इस कोर्स को करने के बाद आपको मिलने वाले जॉब ऑप्शंस की बात करें तो आप इनमें से कोई भी ऑप्शन चूज कर सकते हैं जो आपके इंट्रेस्ट और स्किल्स पर बेस्ड हो।

फैशन डिजाइनर , फैशन कंसल्टेंट , फैशन कोऑर्डिनेटर , फैशन शो ऑर्गनाइजर , फैशन मार्केट और फैशन कॉन्सेप्ट मैनेजर , क्वॉलिटी कंट्रोलर , टेक्निकल डिजाइनर , स्केचिंग असिस्टेंट रीटेल मैनेजर , टेक्सटाइल डिजाइनर , फैशन जर्नलिस्ट एम्प्लॉयमेंट एरियाज के बारे में जानें तो फैशन डिजाइनिंग में किए गए कोर्स के कोडिंग आप इन सेक्टर्स में वह कर सकते हैं।

गारमेंट्स स्टोर्स , टेक्सटाइल मीट्स कॉरपोरेट बिजनेस , मल्टी नैशनल कंपनीज , कंसल्टिंग फॉर्म्स कॉलेजेज इन यूनिवर्सिटीज इन मीडिया हाउसेस तो फैशन डिजाइन कोर्स कंप्लीट करने के बाद आपको ऐसे टॉप रिक्रूटर्स भी हायर कर सकते हैं ।

जैसे रेमंड , बेनेटन , लिवाइस लाइफस्टाइल , ITC लिमिटेड , ओमेगा डिजाइन्स , मॉड लामा एक्सपोर्ट्स लोन्स , प्रो लीन , शाहिद स्पोर्ट्स , स्पान इंडियाज , स्पाइकर , स्नैप डील , इंडस लीग क्लोदिंग , शॉपर्स स्टॉप , सोरोस तो इनके आलावा फेमस फैशन डिजाइनर ग्रेजुएट को भी हायर करते है जैसे मनीष मल्होत्रा , सव्यसाची मुखर्जी और रोहित बल  आदि । 

  • Fashion डिज़ाइनर की सेलेरी ।

जहा तक सेलेरी की बात करे तो रिटेल मैनेजर की पोस्ट पर आपको 178000 पर साल मिल सकती है ।

टेक्ट्स्टाले डिजिनर के रूप में सेलेरी 182900 रुपये हो सकती है । इसके आलावा फैशन स्टाइलिस्ट को 100000 तक की सेलेरी मिल सकती है । और फैशन डिजाइनर में आपको 392000 एन्युअल सेलेरी मिल सकती है ।

यह सेलेरी आपकी स्किल्स , एज्युकेशन , इंटरस के अकॉर्डिंग मिल सकती है । 

तो दोस्तों हम उम्मीद करते है की आपको हमरे द्वारा दी गई यह जानकारी पसंद आई होगी और आपके लिए हेल्पफुल रही होगी तो आप इस लेख को आपने दोस्तों के साथ जरूर शेयर कीजिएगा । धन्यवाद । 

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