Data क्या है ? और Data के प्रकार क्या है ? What is Data पूरी जानकारी

हेलो दोस्तों आप सबको मेरा प्यार भरा नमस्कार और मै हु आपका दोस्त पियूष । दोस्तों आज के इस आर्टिकल मै आपको Data क्या है ? और Data के प्रकार क्या है ?  इसके बारे में बताऊंगा ।

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दोस्तों कई तरह के Data होते है । तो चलिए शरू करते है की Data क्या है ? और Data के प्रकार क्या है ?

नमस्कार दोस्तो आप सभी का स्वागत है । में जहां पर हम लेकर आते हैं वो सवाल जिनके बारे में आप जानना चाहते हैं तो आज बात करेंगे हम डेटा की।

बिजनेस चाहे किसी भी तरह का हो डेटा की जरूरत सबको पड़ती है। खास बात ये कि हर बिजनेस की जरूरत के हिसाब से डेटा उपलब्ध भी होता है।

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लेकिन सवाल ये है कि ये डेटा होता क्या है और किसी भी बिजनेस के लिए कितना इम्पॉर्टेंट क्यों होता है। इस सवाल का जवाब इस आर्टिकल में मौजूद है।

इसलिए आप इस आर्टिकल को पूरा जरूर पढ़े और डेटा से जुड़ी सारी जरूरी बातें जान लें। तो चलिए शुरू करते हैं जानते हैं कि डेटा क्या होता है।

  • डेटा क्या होता है।

सामान्य रूप से देखें तो डेटा कैरेक्टर्स का एक ऐसा सेट जो किसी पर्पस के लिए कलेक्ट और ट्रांसलेट किया जाता है।

डेटा को कलेक्ट करने का मेन रीजन एनालिसिस करना होता है। डेटा में कोई भी कैरेक्टर टेक्स्ट नम्बर्स पिक्चर साउंड और विडियो शामिल हो सकते हैं।

जहां तक कंप्यूटर डेटा की बात है तो ये डेटा ऐसी इन्फॉर्मेशन होती है जो कंप्यूटर के द्वारा प्रोसेस और स्टोर की जाती है।

ये टेक्स्ट डॉक्युमेंट्स की में भी हो सकता है। इमेजेस ऑडियो क्लिप्स सॉफ्टवेयर प्रोग्राम्स या किसी भी और रूप में हो सकता है।

इस डेटा को CPU के द्वारा प्रोसेस किया जाता है और कंप्यूटर की हार्ड डिस्क में फाइल और फोल्डर के रूप में स्टोर किया जाता है।

कंप्यूटर स्टोरेज में डेटा बाइनरी डिजिट्स में रहता है। यानी वन और जीरो की फॉर्म में डेटा वर्ड लैटिन वर्ड से आया है और इसका अर्थ होता है समथिंग गेविन डेटा एक Pleural Word है और इसकी सिमिलर फोम डेटम होती है ।

लेकिन अब ये वर्ड इतना चलन में आ गया है कि सिमुलर वार्ड उसके लिए भी डेटा वही इस्तेमाल किया जाने लगा है तो कंप्यूटर में डेटा इनपुट होने से पहले Raw होता है ।

और जब इस राज़ डेटा को कंप्यूटर में इनपुट किया जाता है तब डेटा प्रोसेस होता है तो इस तरह रोज डेटा से प्रोसेस डेटा जब तैयार हो जाता है तब उसे इन्फर्मेशन कहा जाता है।

डेटा को कंप्यूटर में स्टोर करने के लिए हार्ड डिस्क का इस्तेमाल किया जाता है। इसके अलावा दूसरे स्टोरेज डिवाइस का यूज भी किया जाता है।

इन्फर्मेशन क्लासिफाइड और ऑर्गनाइज्ड डेटा होती है जिसकी रिसीवर के लिए कोई वैल्यू होती है। प्रोसेस डेटा यानी इन्फर्मेशन इतनी यूजफुल हो कि उसके बेस पर डिसीजन और ऐक्शन लिए जा सके। इसके लिए प्रोसेस डेटा में ये क्वॉलिटीज होनी बहुत जरूरी है।

टाइमली आने की इन्फर्मेशन की जब जरूरत हो तो वो उपलब्ध हो सके। एक्यूरेसी यानी इनफॉर्मेशन एक्यूरेट हो।

कंप्लीट टेस्ट यानी की इंफर्मेशन कंप्लीट हो तो प्रोसेस डेटा की क्वॉलिटीज जानने के बाद में आइए अब कंप्यूटर डेटा के टाइप्स जानते हैं।

  • डेटा के टाइप्स ।

टेक्स्ट डेटा इसमें एल्फाबेट आती है। एटूजेड नंबर डेटा इसमें नंबर आते हैं। जीरो नाइन अल्फा न्यूमेरिक डेटा इसमें चिन्ह आते हैं जो कि की बोर्ड पर होते हैं जैसे ऐड्रेस #, $, होस्टेज ऐंड स्टेरिंग।

बहुत सारे इमेज डेटा इसमें JPEG , JPG , PNG फॉर्मेट में तैयार की गई इमेजेज आती हैं। ऑडियो विडियो डेटा की बात करें तो इसमें Mp3 , MP4 और HD जैसे बहुत से फॉर्मेट में डेटा रहता है।

  • डेटा प्रोसेसिंग क्या होती है ?

आइए आगे जानते हैं कि डेटा प्रोसेसिंग क्या होती है और डेटा प्रोसेसिंग साइकल कैसे काम करता है। डेटा प्रोसेसिंग का मतलब लोगों या मशीन के द्वारा डेटा को ज्यादा यूजफुल बनाने और किसी खास पर्पस के लिए उपयोगी बनाने के लिए फिर से तैयार करना या एक सिस्टमेटिक ऑर्डर में जमाना होता है।

  • डेटा प्रोसेसिंग तीन स्टेप्स में होती है ।

  1. इनपुट
  2. प्रोसेसिंग
  3. आउटपुट

डेटा प्रोसेसिंग तीन स्टेप्स में होती है इनपुट प्रोसेसिंग और आउटपुट। यानी इन तीनों स्टेप्स से मेल करके डेटा साइकल पूरा होता है तो आइए इनके बारे में जानते हैं।

  • इनपुट डाटा 

सबसे पहले बात करते हैं इनपुट की इस स्टेप में डेटा को कंप्यूटर में इनपुट किया जाता है। डेटा इनपुट करने से पहले उसे कलेक्ट किया जाता है वेरिफाई किया जाता है और उसके बाद कंप्यूटर में इनपुट कर दिया जाता है।

ये डेटा कंप्यूटर में बाइनरी फॉम यानी कि ज़ीरो वन में स्टोर रहता है।

  • प्रोसेसिंग डाटा 

दूसरा ही प्रोसेस से इस स्टेप में इनपुट डेटा को ज्यादा यूजफुल बनाने के लिए प्रोसेस किया जाता है। डेटा प्रोसेसिंग का काम सीपीयू करता है।

आगे बात करते हैं आउटपुट की प्रॉसेस डेटा इनफॉर्मेशन के रूप में प्राप्त होता है।

  • आउटपुट डाटा 

इस आउटपुट स्टेप में इनपुट डेटा की तुलना में ज्यादा यूजफुल डेटा प्राप्त होता है जिसे हार्ड डिस्क में स्टोर भी किया जा सकता है और कभी भी वापिस पढ़ा जा सकता है।

  • प्रोसेसिंग की जरूरत क्यों पड़ती है।

तब सवाल यह है कि डेटा प्रोसेसिंग की जरूरत क्यों पड़ती है। तो आज के टाइम में सारा काम कंप्यूटर से होता है।

ऐसे में कैट में इंस्टिट्यूशनल या कमर्शल यूज के लिए प्राइवेट और पोस्टर यूज के लिए और साइंटिफिक रिसर्च के लिए ज्यादा से ज्यादा डेटा कलेक्ट किया जाता है।

इसका कलेक्टेड डेटा को स्टोर करना सॉफ्ट और प्रिंटर करके एनालाइज करना बहुत जरूरी होता है ताकि जरूरत के अनुसार इसका बेहतर यूज किया जा सके।

इसलिए डेटा प्रोसेसिंग जरूरी होता है और ये प्रोसेस सिंपल होगा या कॉम्प्लेक्स ये इस बात पर डिपेंड करता है कि किस स्केल पर कलेक्शन किया गया है और उससे किस प्रकार का रिजल्ट एक्सपेक्टेड है ।

  • डेटा मैनेजमेंट क्यों जरूरी होता है।

तो आइए आगे सब जानते हैं कि डेटा मैनेजमेंट क्यों जरूरी होता है। किसी भी ऑर्गनाइजेशन के लिए डेटा उसका वन ऑफ धी मोस्ट इम्पॉर्टेंट ऐसेट होता है क्योंकि डेटा से ही इन्फॉर्मेशन बनती है ।

जो बिजनेस से जुड़ी डिसीजन का आधार होती है। अगर डेटा एक्यूरेट कंप्लीट और आर्गेनाइज होता है तो ये डेटा उस ऑर्गनाइजेशन की ग्रोथ में कॉन्ट्रिब्यूशन देता है।

आजकल किसी भी ऑर्गनाइजेशन के लिए डेटा कलेक्शन इतने बड़े स्केल पर होता है कि उसे मैनुअली प्रोसेस नहीं किया जा सकता।

इसलिए हर कंपनी को एक स्ट्रॉन्ग डेटा मैनेजमेंट सिस्टम की जरूरत पड़ती है।

  • डेटा मैनेजमेंट से होने वाले अगर बेनिफिट्स ।

इसके अलावा डेटा मैनेजमेंट से होने वाले अगर बेनिफिट्स की बात की जाए तो

  • कंपनी की प्रोडक्टिविटी बढ़ती है।
  • सिक्योरिटी रिस्क कम हो जाता है अपडेशन आसानी से कंप्लीट हो जाते हैं।
  • डेटा मिस होने के चांसेस बहुत कम रह जाते हैं।

कंपनी के फायदे से जुड़े डिसिजन लेना काफी ज्यादा आसान हो जाता है ।

तो इसके अलावा डेटा का रिलेवेंट होना भी हर कंपनी और ऑर्गनाइजेशन के लिए जरूरी होता है तभी कस्टमर्स के साथ बेहतर रिलेशन बन पाते हैं और कंपनी के बेनिफिट्स के लिए स्ट्रॉन्ग स्ट्रैटेजी बनाई जा सकती है।

  • डेटा साइंस क्या है ?

जैसा कि नाम से ही पता चल रहा है इसमें में डेटा के आंकलन, गणना और प्रभावों का विश्लेषण किया जाता है। इसके लिए स्किल्ड प्रफेशनल्स की जरुरत होती है।
इसके लिए प्रोग्रामिंग, स्टेटिक्स, डेटा विजुलाइजेशन, डेटा रेंगलिंग, मशीन लर्निंग, लिनियर अलजेबरा और केलकलस, सॉफ्टवेयर इंजिनियरिंग आदि स्किल्स का होना जरूरी है।
  • डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए किन स्किल्स की जरूरत है ?

डेटा साइंटिस्ट बनने के लिए किसी भी व्यक्ति के पास कंप्यूटर साइंस, मैथ्स, इलैक्ट्रिकल इंजिनियरिंग, आईटी या इससे संबंधित फील्ड में बैचलर की डिग्री होना जरूरी है।
इसके बाद आप काम करते हुए मास्टर्स की डिग्री के लिए आवेदन कर सकते हैं। भारत में कई यूनिवर्सिटी डेटा साइंस में एमटेक करवाती हैं जो डिस्टेंस लर्निंग में भी उपलब्ध है।
  • डेटा साइंटिस्ट बनने में कितना समय लगता है ?

एक अच्छा डेटा साइंटिस्ट आपका अनुभव और काम बनाता है। बैचलर डिग्री हासिल करने के बाद 1-2 साल में अच्छा डेटा साइंटिस्ट बना जा सकता है। अपनी स्किल्स में सुधार के लिए आप डेटा साइंस में आगे की पढ़ाई भी कर सकते हैं ।
  • डेटा के प्रकार क्या है?

Types of Data (डाटा के प्रकार )
  • संख्यात्मक डाटा (Numeric Data) : यह 0 से लेकर 9 तक (कुल 10) अंकों से बना डाटा है। …
  • अक्षर डाटा (Alphabetic Data) : यह वर्णमाला के सभी अक्षरों से बना डाटा है। …
  • अक्षर संख्यात्मक डाटा (Alphanumeric Data) : …
  • ध्वनि डाटा (Sound Data) : …
  • रेखाचित्र डाटा (Graphics Data) : …
  • चलचित्र डाटा (Video Data) :
  • एक्सेल में डाटा कितने प्रकार के होते हैं?

  • एक्सेल में बारह प्रकार के डाटा टाईप होते है।

  • Data directory क्या है?

डेटा डायरेक्टरी एक प्रकार का path होता है । जिससे हमे डेटा को access कर पाते है । इसे हम और अच्छे से समझने के लिए टैली में डेटा डायरेक्टरी को कहाँ उपयोग किया जाता है
  • डाटा किसे कहते हैं यह कितने श्रेणियों में बांटा गया है?

स्थान पक्ष के प्रसंग में आंकड़ों को निम्नलिखित श्रेणियों में विभाजित किया जा सकता है । स्थान स्वतंत्र आंकड़े – ये वे आंकड़े हैं जो मापन की जा रही वस्तु या पदार्थ की स्थिति से स्वतंत्र होते हैं । उदाहरण के लिये शुद्ध भौतिक और रसायन विज्ञान के आंकड़े ।
  • फंक्शन में मूल डेटा प्रकार क्या है?

मसलन कई प्रोग्रामिंग भाषाओं में वास्तविक संख्या (रीयल, real), पूर्णांक (इंटीजर, integer) और बूलीय (बूलियन, Boolean]] टाइपों की सूची में शामिल होते हैं।
अक्सर प्रोग्राम लिखते हुए जब कोई चर (वेरियेबल) घोषित करा जाता है तो साथ ही उसका प्रकार भी घोषित करा जाता है।
  • वीडियो देखना न भूले ।

तो दोस्तो ये आर्टिकल आपको कैसा लगा। डेटा के बारे में आप और क्या कहना चाहते हैं कॉमेंट बॉक्स में लिखकर शेयर कीजिए साथ ही साथ आगे इस बारे में जानना चाहते हैं वो भी मैं लिख भेजिए। आपसे मुलाकात होगी बहुत जल्दी ही तब तक के लिए ऐसी जानकारियों के लिए आप हमारे साथ जुड़े रहिये ।तो ध्यान रखिए आपका बहुत सारा । धन्यवाद ।

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