Chemical Engineer कैसे बने ? |How to Become a Chemical Engineer In Hindi

Chemical Engineer इंजीनियरिंग का एक न्यू डिसिप्लिन है जिसने बीते कुछ समय में काफी तेजी से अपनी जगह बनाई है और इस वजह से कैमिकल इंजीनियर की डिमांड भी काफी बढ़ी है।

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ऐसे में अगर आप भी Chemical Engineer बनना चाहते हैं तो इस लेख  को जरूर पढ़े क्योंकि आज के इस लेख में हम आपको Chemical Engineer से जुड़ी सभी खास बातें बताने वाले हैं और इस लेख को पढ़े ने के बाद आप समझ जाएंगे कि Chemical Engineer बनने के लिए आपको क्या करने की जरूरत है।

तो चलिए शुरू करते हैं और Chemical Engineer बनने के इस प्रोसेस में सबसे पहले ये जानते हैं कि एक कैमिकल इंजीनियर क्या करता है ।

1 . कैमिकल इंजीनियर क्या करता है।

Chemical Engineer में केमिस्ट्री और फिजिक्स के एप्लीकेशंस को मैथमेटिक्स के साथ मिलाकर रॉ मटीरियल और कैमिकल से यूजफुल और वैल्यूएबल फोन्स बनाई जाती है।

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Chemical Engineer कैमिकल प्लांट्स के डिजाइन और मेनटिनेंस के लिए रिस्पॉन्सिबल होता है और रॉ मटीरियल्स या केमिकल्स को डिफरेंट वैल्यूएबल फॉर्म्स में कनवर्ट करने का कैमिकल प्रोसेस डेवलप करना भी केमिकल इंजीनियर की ही जिम्मेदारी होती है।

यानि की Chemical Engineer प्रोडक्ट मैन्युफैक्चर करने के मोस्ट कंबीनेशन मैथड को ढूंढने के लिए बेस्ट रिसोर्सेज का इस्तेमाल करते हैं। तो आइये अब कैमिकल इंजीनियर कोर्स के बारे में जानते हैं।

1 .डिप्लोमा इन कैमिकल इंजीनियरिंग

Chemical Engineer में डिप्लोमा भी किया जा सकता है। इसके लिए आपको 10 क्लास कम से कम 45% परसेंट माक्र्स के साथ पास करनी होगी और साइंस और मैथमेटिक्स सब्जेक्ट्स में अच्छा स्कोर करना होगा।

इसके अलावा आपको एक सब्जेक्ट ENGLISH भी होना जरूरी है। इसके बाद आपको स्टेट गवर्नमेंट के टेक्निकल एजुकेशन बोर्ड्स की तरफ से कंडक्ट किए जाने वाले एंट्रेंस टेस्ट को क्लियर करना होगा।

इस एग्जाम में सेलेक्ट होने के बाद केमिकल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर सकते हैं। यह कोर्स करने के बाद आप जूनियर इंजीनियर के तौर पर काम कर सकते हैं या फिर इंजीनियरिंग कोर्स के सेकेंड ईयर में एडमिशन ले सकते हैं।

LEET लैटरल इंजीनियरिंग एंट्रेंस टेस्ट ये दे सकते हैं। अब बात करते हैं BE यानि की बैचलर ऑफ इंजीनियरिंग बीई कैमिकल इंजीनियरिंग कोर्स एक फुलटाइम अंडर ग्रेजुएट प्रोग्राम होता है।

इस कोर्स की ड्यूरेशन 4 साल की होती है और इस कोर्स को करने के लिए आपको 10+2 क्लास क्लियर करने के अलावा एंट्रेस एग्जाम क्लियर करने की जरूरत होगी ।

और अगर आप इस कोर्स को सक्सेसफुल कंप्लीट कर लेंगे तो आप के लिए बहुत सारी जॉब ऑप्शन ऑफिस खुल जाएंगी और आप केमिकल प्लांट्स , बायोटेक्नॉलजी , एरोस्पेस , फार्मास्युटिकल्स और टेक्सटाइल मेन्युफेक्चरिंग इंडस्ट्रीज में अपना करियर बना सकते हैं।

इस कोर्स में स्टूडेंट्स को केमिस्ट्री के प्रिंसिपल्स और इंजीनियरिंग के साथ लिंक करके केमिकल्स के यूज और प्रोडक्शन में आने वाली प्रॉब्लम्स के बारे में समझाया जाता है कि सब्जेक्ट स्टूडेंट्स में लीडरशिप स्किल्स प्रॉब्लम सॉल्विंग एबिलिटी और प्रोजेक्ट डिजाइनिंग स्किल्स डेवलप करता है।

आइये इनके बारे में थोड़ा डिटेल से जानते हैं।

  • Chemical Engineer की एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया

BE. केमिकल इंजीनियरिंग करने के लिए आपको 10+2 क्लास साइंस स्ट्रीम से पास करनी होगी जिसमें आपके पास फिजिक्स मैथमेटिक्स और केमेस्ट्री सब्जेक्ट्स होनी चाहिए और इन सब्जेक्ट्स में आपका स्कोर अच्छा भी होना चाहिए।

  • Chemical Engineer का एडमिशन प्रोसेस

जानते हैं एडमिशन प्रोसेस के बारे में 10+2 क्लास साइंस PCM से क्लियर करने के बाद आपको AIEEE आल इंडिया इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जामिनेशन क्लियर करना होगा।

अगर आप IIT में एडमिशन लेना चाहते हैं तो इसके लिए आपको JEE यानि की ज्वाइंट एंट्रेंस एग्जामिनेशन क्लियर करना होगा।

ऐसे कैंडिडेट्स जिन्होंने इंजीनियरिंग में डिप्लोमा कर रखा हो उन्हें इस कोर्स में एडमिशन लेने के लिए AIME एसोशिएट मेंबरशिप और इंस्टिट्यूट ऑफ इंजीनियर्स पास करना जरूरी होता है।

  • इसके अलावा बहुत से कॉलेजेस और यूनिवर्सिटीज भी अलग अलग एंट्रेस टेस्ट कंडक्ट करवाती हैं जैसे कि
  • BITSAT , बिड़ला इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी इनसाइट्स एडमिशन टेस्ट
  • MUOET , मनिपाल यूनिवर्सिटी ऑनलाइन एंट्रेंस टेस्ट
  • VITEEE , वेल्लोर इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जामिनेशन ऐसा एंट्री
  • SRMEE यूनिवर्सिटी इंजीनियरिंग एंट्रेंस एग्जामिनेशन।

अब आपको कुछ ऐसे कॉलेजेस के नाम बतातें हैं जो Chemical Engineer में ग्रैजुएशन के कोर्स ऑफर करते हैं जैसे कि

  • बिरला इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी एंड साइंस ,पिलानी
  • अन्ना यूनिवर्सिटी ,चेन्नई
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी ,बॉम्बे
  • विश्वेश्वरैया इंस्टिट्यूट आफ टेक्नॉलजी ,नागपुर
  • चंडीगढ यूनिवर्सिटी
  • मनिपाल इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी ,मनिपाल
  • इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी मद्रास ,चेन्नई
  • IIT खड़गपुर इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी
  • IIT रुड़की इंडियन इंस्टिट्यूट ऑफ टेक्नॉलजी
  • यूनिवर्सिटी ऑफ पेट्रोलियम एंड एनर्जी स्टडीज ,दिल्ही 

BE कैमिकल इंजीनियरिंग कोर्स कंप्लीट करने के बाद अब प्राइवेट और गारमेंट सेक्टर में जॉब के लिए तैयार हो जाएंगे और कैमिकल इंजीनियर ,टेक्निकल ऑपरेटर ,साइट इंजीनियर डेवलप केमिकल इंजीनियर जैसे फील्ड में अपना करियर शुरू कर सकते हैं।

इसके अलावा अब प्रोसेसिंग ऑपरेशंस मैन्युफेक्चरिंग डिजाइन कंस्ट्रक्शन फिनांस टीचिंग और रिसर्च एंड डेवलपमेंट फील्ड्स में सी भी सूटेबल ऑप्शंस चूज कर सकते हैं।

अगर आप ग्रैजुएशन के बाद एकेडमिक्स और रिसर्च वर्क करना चाहते हैं तो केमिकल इंजीनियरिंग में ME और PHD भी कर सकते हैं।

केमिकल इंजीनियर के रूप में करियर स्टार्ट करने के लिए आपको बहुत से अलग अलग ऑप्शंस मिलेंगे जिनमें पेट्रोलियम और पेट्रोकेमिकल्स जैसे ऑप्शंस भी होंगे तो फूड मैटीरियल्स स्पेशियलिटी केमिकल्स प्लास्टिक पावर प्रॉडक्शन एनवायरमेंट कंट्रोल के अलावा वेस्ट मैनेजमेंट और बायोटेक्नोलॉजी भी शामिल होगा।

  • Chemical Engineer सेलेरी ।

तो कैमिकल इंजीनियर के रूप में अपना करियर शुरू करने पर आपको 3 से 4 लाख पर एनम सैलरी मिल सकती है ।

और साइट इंजीनियर और मटीरियल्स इंजिनियर की पोस्ट पर रहते हुए भी आप 3 से 4 लाख पर एनम सैलरी पा सकते हैं।

अगर आप डिवेलपमेंट केमिकल इंजीनियर या एनालिटिकल केमिस्ट के रूप में अपना करियर शुरू करेंगे तो आप 4 से 5 लाख तक कमा कर सकते हैं।

वहीं NSE मैनेजर और माइनिंग इंजीनियर की पोजिशन आपको 6 से 8 लाख पर एनम सैलरी दिला सकती है और टेक्निकल ऑपरेटर रहते हुए एक से दो लाख रुपए एनुअल सैलरी भी कमाई जा सकती है।

यह सैलरी आपकी स्किल्स एक्सपीरियंस और उस ऑर्गनाइजेशन पर डिपेंड करेगी जिसे आप चुनेंगे।

एक बार फ्रेशर के रूप में स्टार्ट करने के बाद जैसे जैसे आप अपनी स्किल्स और एक्सपीरियंस बढ़ा दी जाएंगे आपको मिलने वाली सैलरी बढ़ती जाएगी।

इसलिए आप सिर्फ अपनी स्किल्स और नॉलेज पर वर्क करिए। मनी अपने आप बांधी जाएगी। आप जानते हैं कि कैमिकल इंजीनियर बनने के लिए आपके अंदर कुछ खास स्किल्स का होना भी जरूरी है।

जैसे आपकी मैथ्स और साइंस स्किल्स अच्छी होनी चाहिए और केमिस्ट्री पर आपकी कमांड होनी चाहिए।

प्रॉब्लम सॉल्विंग स्किल्स और एनालिटिकल स्किल्स के साथ आपमें प्लानिंग और ऑर्गनाइज नेशनल एबिलिटी भी होना जरूरी है।

प्रोजेक्ट्स बजट और लोगों को मैनेज करने की एबिलिटी के अलावा एक्सीलेंट IT स्किल्स की भी जरूरत होगी।

आपकी कम्युनिकेशन स्किल्स भी स्ट्रॉन्ग होनी चाहिए साथ ही सुपरवाइजरी स्किल्स की भी आपकी पर्सनैलिटी का हिस्सा होती है।

दोस्तो अब आप Chemical Engineer बनने की प्रोसेस को समझ चुके हैं और हमें उम्मीद है कि ये लेख सही करियर चुनने में आपकी बहुत हेल्प करेगा।

आगे भी ऐसे ही इनोवेटिव और इंट्रेस्टिंग जानकारी लेने के लिए हमारे वेबसाइट की विजिट लेना न भूले । धन्यवाद।

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